महत्वाची बातमी

लॉकडाउन ने किया दुनिया के कई रहस्य को अनलॉक – लियाकत शाह

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कोरोना वायरस ने वैसे तो दुनिया भर में तबाही मचा दी मगर फ़्रांस के लेज़ इकोज़ अख़बार ने अपने एक लेख में ध्यान केन्द्रित करवाया है। कि इस महामारी ने पांच वह बड़े काम कर दिए जो बहुत ज़्यादा कोशिशों, विवादों और झड़पों के बावजूद भी नहीं हो पा रहे थे। प्रदूषण में बहुत ज़्यादा कमी वर्ष २०२० शुरू होने के समय से ही यह विचार आम था कि धरती अब प्रदूषण के उस स्तर पर पहुंच चुकी है। और इसे कंट्रोल करना संभव ही नहीं है। प्राकृतिक आपदाएं बहुत तेज़ी से बढ़ने लगीं। आस्ट्रेलिया के जंगलों में इसी वजह से आग लग गई और जानवरों की सैकड़ो प्रजातियां जल कर ख़त्म हो गईं। शहरों में लोग सांस नहीं ले पा रहे थे। बहुत से शहरों में अलग अलग कार्यक्रम लागू किए गए कि किसी भी तरह प्रदूषण कम हो। कोरोना वायरस आया तो यह समस्या ख़ुद बख़ुद हल हो गई। गाड़ियां ठप्प हो गईं उद्योग बंद हो गए। गैस का उत्सर्जन रुक गया। सैटेलाइट की तसवीरों से साफ़ दिखाई देने लगा है कि प्रदूषण बिल्कुल कम हो गया है। दुनिया में सारी झड़पें और जंगें शांत हुईं कोरोना ने युद्धरत पक्षों को शांत कर दिया। कुछ जगहों पर युद्ध विराम या कम से कम युद्ध विराम की बातें होने लगीं। फ़िलिपीन और कैमरोन में गुटों की लड़ाई थम सी गई। सीरिया में भी झड़पों में कमी आ गई। इस वायरस के डर ने पलायन को भी रुक सा गया। सरकारों ने बाज़ार की मदद के लिए ख़ज़ाने खोले सरकारें कोरोना से पहुंचने वाले आर्थिक झटके को रोकने के लिए अब बाज़ारों में हस्तक्षेप कर रही हैं और पैकेज दे रही हैं जिसके लिए वह पहले तैयार नहीं होती थीं। अब सैकड़ों अरब डालर की रक़म खर्च की जा रही है कि कारख़ानें चलें और लोगों का रोज़गार सुरक्षित रहे। आंदोलनकारियों की मांगें स्वीकार की गईं फ़्रांस में येलो जैकेट आंदोलन कई महीनों से जारी था। और सरकार प्रदर्शनकारियों की मांग नहीं मान रही थी मगर अब सरकार ने आर्थिक स्टेबलिटी क़ानून को भी ख़त्म कर दिया। और रिटायरमेंट का नया क़ानून भी फ़िलहाल टाल दिया। इटली ने नौकरियों में कटौती पर रोक लगाई और अमरीका ने बेरोज़गारों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया। अचानक नज़र आने वाले दूसरे कई प्रभाव कोरोना के कारण जब बाज़ार बंद हैं सीमाएं बंद हैं तो मादक पदार्थों का व्यापार भी रुक गया है। बहुत से क़ैदियों को जेल से छुट्टी मिल गई है जिनकी संख्या डेढ़ लाख से ज़्यादा है। इटली के प्रमुख शहरों में पूरी तरह लॉक डाउन है। लोग घरों के भीतर बंद हैं। पर्यटकों के आने-जाने पर पूरी तरह से रोक है। लोगों को जरूरी होने पर ही बाहर निकलने की अनुमति है। सामान्यतया पर्यटकों से भरा रहने वाला वेनिस शहर इस समय पूरी तरह सुनसान दिख रहा है। पर्यटकों की गैर मौजूदगी से और हमेशा नावों से भरी रहने वाली यहां की नहरें शांत हैं। इसने नहरों के पानी को एकदम साफ कर दिया है। पानी इतना साफ है कि उसके भीतर तैर रही मछलियों को स्पष्ट देखा जा सकता है। इस स्थिति में यहां पर अन्य प्राणी भी नहरों में पहुंच रहे हैं। इन नहरों के किनारे सफेद बगुलों को भी देखा जा सकता है। यह भारत मे अंतरिक्ष से पूरा हिमालय नजर आ रहा है सोने से मढ़ा हुआ। अंतरिक्ष से पूरा हिमालय इतना साफ नजर आ रहा है कि यह चर्चा का विषय बन गया है। वैज्ञानिक इस तस्वीर को देखकर प्रसन्न है। इस तस्वीर में पूरी पर्वत श्रृंखला किसी सोने से मढ़े हुआ जैसी नजर आ रही है। सूर्य की रोशनी में यह इसी तरह चमकती है। आम तौर पर कोलकाता से दिल्ली की विमान यात्रा के दौरान भी सोने से मढ़े हुए इस पर्वत श्रृंखला को देखा जा सकता है। लेकिन यह तभी नजर आता है जब आसमान पूरी तरह साफ हो। दरअसल अंतरिक्ष में स्थापित स्पेस स्टेशन से पृथ्वी का नजारा बदला बदला नजर आने के बाद इस पर चर्चा अधिक हो रही है। दरअसल वहां से हिमालय पर्वत श्रृंखला की एक शानदार और साफ तस्वीर खींची गयी है। जिसके बाद से वायुमंडल के बहुत साफ हो जाने की बात पर बहस होने लगी है। इस तस्वीर में पूरी हिमालय की पर्वत श्रृंखला सोने से मढ़ी हुई नजर आ रही है। दुसरी तरफ जो काम अब तक करोड़ों की सरकारी योजनाएं नहीं कर पाई वो लॉकडाउन ने कर दिखाया। कोरोना वायरस रोकने के लिए देशभर में लॉकडाउन का ऐलान हुआ और इसका नतीजा ये रहा कि भारत में प्रदूषण का स्तर रिकॉर्ड स्तर पर नीचे आ चुका है। जिसकी वजह से शहरों की हवा-पानी पूरी तरह शुद्ध हो गई। लॉकडाउन होने की वजह से गंगा में गिरने वाले फैक्ट्रियों से निकलने वाला वेस्टेज और केमिकल, जो गंगा को प्रदूषित करता था, वो पूरी तरह बंद है। लोग घाटों पर नहीं नही रहे हैं। इसलिए गंगा की स्थिति में इतना सुधार देखा जा रहा है। गंगा के साफ होने से वाराणसी के स्थानीय लोग काफी खुश नजर आ रहे हैं। कानपुर में भी कुछ ऐसा ही नज़ारा है। यहां बहने वाली गंगा नदी का पानी इतना साफ है कि लोगों को यकीन ही नहीं हो रहा। लॉक डाउन के चलते कानपुर में गंगा तटों पर पक्षियों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है। जो पहले सूना रहता था। नदी ही नहीं लॉकडाउन का असर समंदरों के पानी पर भी दिख रहा है। तस्वीरें मुंबई के जुहू चौपाटी की है। पहले लहर के साथ समंदर में फेंके गए कचरे वापस तट पर लौट जाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है। ऐसी ही सुंदर नज़ारा पंजाब के जालंधर से भी दिखाई देने लगा है। जहां आसमान से ही हिमालय की चोटियां नज़र आने लगी। लॉकडाउन के दौरान वाहन सड़कों पर नहीं हैं, फैक्ट्रियां बंद हैं और इसका सीधा असर प्रदूषण पर भी पड़ा है। आसमान ऐसा साफ हुआ कि जालंधर से बर्फीली पहाड़ियां दिखाई देने लगीं। कोरोनोवायरस ने दुनिया के सभी लोगो को सोचने पर मजबूर कर दिया है। ईश्वर कि ये बनाई हुई सुंदर पृथ्वी है जो कभी-कभी समय समय पर कभी कभी कठोर व्यवहार भी करती है, प्रकृति आज कोरोनोवायरस से इंसानो को कुछ सबक लेने को कहे रही है के हम सब एक है और हम सब एक साथ हसी खुशी रेहे। हम सब जल्द ही इस कोरोनोवायरस से निश्चित रूप से इस संकट से छुटकारा पा लेंगे, लेकिन इन्सान को सुधारने की जरुरत है, अन्यथा अंतिम प्रकृति भयानक होगी। इस कोरोनावायरस की प्राकृतिक आपदाओं के कारण, हमारे महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री उदय ठाकरे और उनकी सरकार द्वारा उठाया गया हर कदम काबिले तारीफ है। साथ ही महाराष्ट्र सरकार कि पुरी टीम की हिम्मत को हम सब सलाम करते है। ईश्वर की कृपा से हम निश्चित रूप से इस कोरोनो वायरस कि प्राकृतिक आपदा से जंग जलद ही जीत लेंगे बशार्त है, कि सभी लोगों ने लॉक डाउन का पुरी तरह से पालन करना होगा, और घर में रहेंकर सरकार और प्रशासन को पुरा सहयोग देना होगा। भारत देश और महराष्ट्र के वो सभी दिलेर और बहादुर डॉक्टरस, नर्सेस, पुलिस का पुरा मेह्क्मा, वाडबॉयज, हॉस्पिटल्स और मेडीकॅलस के पूरे स्टाफ के साथ-साथ हमारे सभी पत्रकार भाईयो और सभी कर्मचारियों और प्रशासन के लोगो को हम धन्यवाद देते है। जो इस परेशानी कि घडी मे कोरोनवायरस से लाडने दिन-रात मेहनत और काम कर रहे हैं उन सभी के जस्बे को सलाम।

लियाकत शाह एमए बी.एड
महाराष्ट्र राज्य कार्यकारी समिति सदस्य,
अखिल भारत जर्नालीस्ट फेडरेशन

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