Home विदर्भ चंद्रपुर: कोल माफिया के इशारे पर पत्रकार को फंसाने की साजिश? “पडोली...

चंद्रपुर: कोल माफिया के इशारे पर पत्रकार को फंसाने की साजिश? “पडोली पुलिस ने दर्ज की ‘फर्जी’ फिर”

381

नागपुर/चंद्रपुर – चंद्रपुर जिले में कोल माफिया और पुलिस की कथित मिलीभगत का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। माफिया के खिलाफ लगातार आवाज उठाने वाले दैनिक भास्कर के विशेष संवाददाता शब्बीर अहमद सिद्दीकी को निशाना बनाते हुए पडोली पुलिस ने फिरौती मांगने के आरोप में एक एफआईआर दर्ज की है। पत्रकार सिद्दीकी ने इसे पूरी तरह फर्जी करार देते हुए राज्यपाल और मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है।

### भ्रष्टाचार उजागर करने की मिली सजा!
पत्रकार सिद्दीकी लंबे समय से महामाया कोल वाशरी, महाजेनको, एमपी जेनको और केपीसीएल जैसे बड़े संस्थानों में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर कर रहे हैं। उनकी रिपोर्टिंग के आधार पर पूर्व में  कबी तक की कार्रवाइयां हो चुकी हैं। सिद्दीकी का आरोप है कि इसी रंजिश के चलते प्रभावशाली माफियाओं के दबाव में पुलिस उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रही है।
### जानलेवा हमला और फर्जी एनकाउंटर की धमकी
पत्रकार ने पुलिस प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके आवेदन के अनुसार:
सुनियोजित हमले:18 जनवरी 2026 को उन पर जानलेवा हमला हुआ और हाल ही में 25 मार्च को छिंदवाड़ा में एक वाहन से उन्हें टक्कर मारकर सड़क दुर्घटना में हत्या करने का प्रयास किया गया।
फर्जी एनकाउंटर का डर सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि 4 मार्च 2026 को नागपुर जाते समय उन्हें अवैध रूप से हिरासत में लिया गया और पुलिस अधिकारियों ने उन्हें फर्जी एनकाउंटर’ करने की धमकी दी।
प्रक्रिया का उल्लंघन: सुप्रीम कोर्ट के डी.के. बसु और अर्नेश कुमार* मामलों के दिशा-निर्देशों को ताक पर रखकर बिना किसी ठोस सबूत के उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
### SP समेत कई आला अधिकारियों के खिलाफ शिकायत
शब्बीर सिद्दीकी ने अब इस दमन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पडोली पुलिस स्टेशन में ही एक लिखित आवेदन देकर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, उनमें शामिल हैं:
1. मुम्मका सुदर्शन (IPS) – पुलिस अधीक्षक, चंद्रपुर
2. प्रकाश राऊत – वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक, घुग्गुस
3. योगेश हिवासे – सहायक पुलिस निरीक्षक, पडोली
4. अमोल कचोरे – एलसीबी प्रभारी
5. प्रमोद चौघुले – एसडीपीओ
तथा अखिलेश वर्मा, नितेश वर्मा और आशीष अग्रवाल जैसे अन्य नामजद व्यक्ति।
> “मुझे और मेरे परिवार को लगातार डराया जा रहा है कि यदि मैंने शिकायतें वापस नहीं लीं, तो मुझे झूठे मामलों में फंसाकर जेल भेज दिया जाएगा या मेरा एनकाउंटर कर दिया जाएगा।” > — शब्बीर अहमद सिद्दीकी, पीड़ित पत्रकार
>
### न्याय की गुहार
सिद्दीकी ने अपने आवेदन की प्रतियां राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को भेजकर मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि पुलिस प्रशासन निष्पक्ष जांच नहीं करता है, तो यह प्रेस की स्वतंत्रता की हत्या के समान होगा।