Home विदर्भ चंद्रपुर में फर्जी ‘प्रेस क्लब’ बनाकर अधिकारियों और पुलिस से लाखों की...

चंद्रपुर में फर्जी ‘प्रेस क्लब’ बनाकर अधिकारियों और पुलिस से लाखों की वसूली

946
– भास्कर संवाददाता को बनाया फर्जी कोषाध्यक्ष
घुग्गुस (चंद्रपुर)। जिले में पत्रकारिता की आड़ में ठगी और अवैध उगाही का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। ‘प्रेस क्लब ऑफ चंद्रपुर (तालुका)’ के नाम पर एक फर्जी लेटरहेड तैयार कर न केवल बड़े उद्योगों और अधिकारियों को चूना लगाया गया, बल्कि घुग्गुस पुलिस को भी ठग लिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस जालसाजी में दैनिक भास्कर के संवाददाता का नाम उनकी सहमति के बिना ‘कोषाध्यक्ष’ के रूप में इस्तेमाल किया गया है।
विज्ञापन के नाम पर उद्योगों और कोल वाशरीज को बनाया निशाना
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे साक्ष्यों के अनुसार, मनोज कनकम नामक व्यक्ति खुद को इस स्वयंभू प्रेस क्लब का अध्यक्ष बताकर दिवाली विशेषांक के नाम पर चंदा और विज्ञापन वसूल रहा था। लेटर हेड पर उसने स्वयं को मराठी के प्रतिष्ठत अखबार सकाळ का प्रतिनिधि बताया है. जबकि इनके एक और साथी हैं जो स्वयं को नवभारत का प्रतिनिधि बताते हैं, दयाशंकर तिवारी नामक इस शख्स के साथ मिलकर कनकम ने अवैध वसूली का धंधा चला रखा है। इन्होंने लेटरहेड पर जिले के कई प्रतिष्ठित अखबारों के नाम छपवाए थे ताकि बड़े औद्योगिक घरानों, कोल वाशरीज, एमआईडीसी और वेकोलि अधिकारियों को झांसे में लिया जा सके।
भास्कर संवाददाता ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत
इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब दैनिक भास्कर के घुग्गुस संवाददाता विक्की गुप्ता को पता चला कि उनका नाम इस क्लब के लेटरहेड पर ‘कोषाध्यक्ष’ के तौर पर दर्ज है। गुप्ता ने तुरंत एक्शन लेते हुए स्पष्ट किया कि उनका इस तथाकथित क्लब से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने 24 जनवरी को घुग्गुस पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराकर इस गिरोह के खिलाफ कड़ी जांच की मांग की है उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि, “मैं इस क्लब का न तो सदस्य हूं और न ही पदाधिकारी। मेरे नाम का गलत इस्तेमाल कर लोगों को गुमराह किया जा रहा है।”
खाकी भी नहीं बच पाई: पुलिस से भी वसूले पैसे
जालसाजों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने घुग्गुस पुलिस को भी नहीं बख्शा। 29 सितंबर 2025 की तारीख वाले एक पत्र के जरिए पुलिस स्टेशन के इंचार्ज से भी विज्ञापन के नाम पर राशि वसूली गई। अब स्थानीय नागरिक सवाल उठा रहे हैं कि जिसकी जिम्मेदारी सुरक्षा और जांच की है, वह पुलिस विभाग खुद अपनी नाक के नीचे हो रहे इस फर्जीवाड़े को क्यों नहीं भांप पाया? अब सबकी नजरें चंद्रपुर पुलिस पर टिकी हैं कि वह इस ‘फर्जी’ अध्यक्ष और उसकी मंडली पर क्या कार्रवाई करती है।
प्रतिष्ठित संस्थानों के नाम का दुरुपयोग
आरोप है कि मनोज कनकम ने दैनिक भास्कर के साथ-साथ ‘पुढारी’ मराठी न्यूज़ चैनल जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के नाम का भी अवैध इस्तेमाल किया। जिले के पत्रकार संगठनों ने साफ किया है कि इस तथाकथित क्लब का मूल मीडिया संस्थानों से कोई आधिकारिक संबंध नहीं है।