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हनुमान जयंती उत्सव ज्युलुस मे व्हिसल ब्लोअर रजनीकांत डालूरामजी बोरेले इनका सत्कार – अक्षय पीपलवा

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संवाददाता
पांढरकवडा : शहर के प्रसिद्द व्हिसल ब्लोअर रजनीकांत डालूरामजी बोरेले इनका सत्कार प्रभु हनुमान जयंती उत्सव की ज्युलुस यात्रा में जगदंबा निवास के समक्ष दत्त चौक में शाल अर्पित करके किया गया है।
रजनीकांत डालूरामजी बोरेले का सत्कार साथ मे सर्वम बोरेले, हनुमान जयंती उत्सव ज्युलुस समिती के प्रमुख अक्षय देबुजी पीपलवा इनके प्रमुख उपस्थिति मे प्रतिष्ठित व्यापारी यश संजय चमेड़िया इनके हस्ते किया गया है।
पांढरकवड़ा के भूमिपर ऐसी हनुमान जयंती की शोभा यात्रा ज्युलुस निकली है हजारो भक्त, और कई सारी इलोट्रॉनिक झांकिया, बहुतसे बाजा, डी.जे.आदिम जमाती बजा और वेश भुसामे नृत्य संच (घुसाडी),गुजराती गर्भा नृत्य पथक, भगवे परचम,आतिशबाजी,जय हनुमान – जय श्री राम की जयघोष,महिला,पोलिस,ट्राफिक पोलीस, शहर पोलीस, ए.पी.आय.,पी. एस. आय., होमगार्ड, ऐसी भारी पोलीस तैनाती के साथ शहर में हर चौराह पर श्रद्धालु ,सामाजिक संघटन, व्यापारी,इनकी और से आइसक्रीम, भोजन, कोल्ड्रिंक्स, ऐसी हनुमान जयंती उत्सव की ज्युल्स शोभा यात्रा हनुमान अखाड़ा पांढरकवडा.जिला: यवतमाल (महाराष्ट्र) इनके द्वारा निकाली गई है। पहली बार ऐसा हनुमान जयंती का ज्युलुस देखा गया है।
हनुमान अखाड़ा और उत्सव रैली का इतिहास …
■ रजनीकांत बोरेले सहित 10, लोगो पर लगी थी केसेस
■ अदालत मे चली थी 5,बरस के केस
■ रजनीकांत बोरेले ने खुद ने की थी अदालत अपराधी यो की पहरवी
यह हनुमान अखाड़ा 100, बरस पहले का है। अखाड़े के उत्स्ताद कारू थे। अखाड़े में एकसे – बढ़कर एक पहलवान थे।तलवार बाजी,लाठी बाजी ,कुस्ती,मलखाम,आदी खेल सीखाया जाता था। इसी अखाड़ा में रजनीकांत बोरेले के पिताजी डालूरामजी बोरेले, और बडे पिताजी रामचरणजी बोरेले,लाठी – काठी, तलवार बाजी,व्यायम करते थे। इसी अखाड़े में मसहूर कुस्तीयों की स्पर्धा भरा करती थी। और हनुमान जयंती पर सोभा यात्रा शहर के प्रमुख मार्ग से निकलती थी। सभी पहलवान अपना हुनर दिखाते थे। कोई कुस्ती जम्प,कोई तलवार बाजी,कोई लाठी बाजी, करते हुये निकाली जाती थी।
किसी कारण से यह बंद होगई थी।
सन 2004 में रजनीकांत बोरेले ने चालू करी हनुमान जयंती शोभा यात्रा इस यात्रा के लिए पोलीस प्रशासन ने ज्युलुस निकालने से मना किया और धारा 37 (1) उलंघन का कारण बताया जिस के चलते अखाड़े के बहुत से पहलवान और कुछ लोग केसेस लगने के डर से भाग गये पोलीस भी आगई थी।
पोलीस और रजनीकांत बोरेले में शाब्दिक वाद हो गया अंत मे रजनीकांत बोरेले ने पोलीस से कहाँ जो आपसे होता वह करले ज्युलुस निकलेगा।
दिनांक 24/एप्रिल/2004 को बैंड बाजा के साथ रजनीकांत डालूरामजी बोरेले,शंकर शंभाजी मुळे, राम शंकरजी मुळे, गोविंदा शंकरजी मुळे, सुरविंद्र सेवसिंग पुसरी (सरदार मामा),सुनील शंकर थोरात, शामराव गणाजी जाधव, (पहलवान) अर्जुन सूर्यभान कनाके,अविनाश मारोती कुंमरे, किसन नारायण वागदे,सुधाकर मारोती रामटेके,शेख ताज उर्फ शेख रहीम शेख ईमान,इन सभी पर कलम 37(1),(अ), मुंबई पोलीस कायदा का उलंघन करने की वजह से मुंबाई पोलीस कानून की धारा 135 के तहत अपराधी बनाया गया और
रजनीकांत बोरेले और उनके साथियो पर 5, साल प्रथम क्षेणी न्ययालय पांढरकवडा (केलापुर) इस अदालत मे केस चली सभी अपराधी के बचाव के लिए अपराधी नंबर 1, खुद रजनीकांत बोरेले ने पहेरवी की इस केस में कुल तीन गवाह (विटनेस) की गवाई पोलीस विभाग की और सरकारी वकील ने लिया था।
पोलीस अधिकारी अशोक बपुरावजी चरडे की अदालत मे गवाई पर क्रॉस गवाई मे पोलीस अधिकारी से रजनीकांत बोरेले ने अदालत में सवाल किये सारी सुनवाई के बाद न्यायधीश श्री आर.आर.खान प्रथम क्षेणी कोर्ट पांढरकवड़ा (केलापुर) की अदालत ने दिनांक 25/2/2009 को रजनीकांत बोरेले और उनके साथियों को इस केस में से दोष मुक्त (बरी) करने का आदेश दिया था। पोलीस प्रशाशन की और सरकारी वकील ने पहेरवी किया था और सभी अपराधी के बचाव पक्ष में रजनीकांत बोरेले ने पहेरवी किया था। हनुमान जयंती की बंद शोभा यात्रा को चालू करने का गर्व रजनीकांत बोरेले महसूस करते है। यह विशेष