Home राष्ट्रीय कॉकरोच जनता पार्टी भटकने के मोड़ पर…?

कॉकरोच जनता पार्टी भटकने के मोड़ पर…?

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भारत के मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणी से सोशियल मीडिया पर युवाओं के प्रतिकात्मक जोश से पैदा हुई कॉकरोच जनता पार्टी सरकारी तंत्र के दमनकारी टेढ़ी चालों से चर्चित होकर फ्रन्ट पर आ गई| अब इस कॉकरोच जनता पार्टी को राजनैतिक नीतियों साम, दाम, दण्ड व भेद के माध्यम से भटकने के मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है|
वर्तमान में भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका में जनता के द्वारा सत्ता परिवर्तन का खेल सबने देखा है क्योंकि यह सभी नये हैं इसलिए लोगों की स्मृति से विलुप्त नहीं हुये हैं| दुनिया के कई देशों में ऐसे आन्दोलन हुये और सत्ता बदली हैं हम उन सभी का जीक्र अभी नहीं कर रहे हैं| यह सभी आन्दोलन व सत्ता का खेल भारत में जेपी आन्दोलन के समय हुआ था | यहां नया राजनैतिक दल बनाकर सभी समस्याओं को खत्म करने का काम हुआ परन्तु समस्याएं खत्म न होकर विकराल हो गई|
कॉकरोच जनता पार्टी को बड़े ही राजनैतिक व ‍शातिर रूप से आम आदमी पार्टी की तरह भटकने के मोड़ पर ‍धकेला जा रहा हैं| आम आदमी पार्टी के माध्यम से दुनिया ने देखा कि संविधान की शपथ लिये एक ‍पदासीन मुख्यमंत्री को संविधान पद के साथ जेल में रखा | इसके अतिरिक्त कई मंत्रियों को जेल में रखा | अन्त में मुर्दे भी हंस पड़ें की इन्हें इसलिए महिनों व वर्षों बाद ‍छोड दिया कि एफ आई आर में ही गलती थी | जांच की शुरुआत ही एफ आई आर से होती हैं तो यह न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका और राष्ट्रीय नहीं प्राइवेट कंपनियों वाली पत्रकारिता का खुलेआम संविधान व लोकतन्त्र का भूहड हंसी उड़ाना था |
आज की अधिकांश समस्याओं का हल 2011 में ही भारत के राष्ट्रपति को सबूतों के साथ भेज रखा हैं परन्तु अन्तिम फैसला लेने के लिए संवैधानिक रूप से अधिकृत होने के बाद भी उन्होंने आज तक फैसला नहीं लिया अन्यथा भारत कभी का विकसित राष्ट्र बन चुका होता | पहले 2020 और अब 2047 तक भारत को विकसित करने का वादा सिर्फ़ राजनैतिक फरेब, राष्ट्र के साथ धोखा, जनता के साथ चारसौबीसी व भारत माता का बलात्कार करने जैसा है | इस उपाय को लागू करने का तरीका बहुत ही विशेष व अनोखा हैं | इस तरिके के तहत जनता के माध्यम से ही सबकुछ होता है क्योंकि यह उनकी सोच के अनुरूप क्रियान्वित होता है न कि उनके नौकर राजनेताओं के माध्यम से |
इसे लागु करने का तरीका जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा देश में गरीबी, बेरोजगारी, भूखमरी खत्म होती जायेगी | इस प्रक्रिया से जो भी जुड़ेगा उसका आर्थिक रूप से सुदृढ़ होने का मार्ग बनता जायेगा | इस योजना की पूरी रूपरेखा हमारे पास है जो सभी को जोड़ते हुए आगे बढ़ती हैं व देश के खजाने को भी आर्थिक रूप से मजबूत करती हैं | इसके लिए सबसे जरूरी है लोगों की सोच का बड़ा व व्यापक होना व भी संविधान के दायरे में रहकर सबकुछ क्रियान्यवन करना | सिर्फ व सिर्फ कानून बना देने या हटा देने से कुछ नहीं होता क्योंकि कानून बनाना व हटाना भी व्यवस्था या सिस्टम का हिस्सा है | आन्दोलन व प्रदर्शन कर दो – चार को कुर्सी से हटा देने से मामला व्यक्तिवाद और स्वार्थपूर्ति का होता है जो किसी न किसी को कुर्सी देता है और व पहले से ज्यादा भ्रष्ट व कामचोर निकलता है|
शैलेन्द्र कुमार बिराणी
युवा वैज्ञानिक