यवतमाल के ही बेटे चंद्रेश हितेश सेता ने बनाई वेबसाइट
https://yavatmalnavratri.com/
5 लाख से ज़्यादा श्रद्धालु ऑनलाइन दर्शन कर चुके हैं
यवतमाल: भारत में इस समय जो कुछ हो रहा है, उस पर पूरी दुनिया की नज़र है। एक है यवतमाल का दुर्गोत्सव। जी हाँ, दुनिया के 90 से ज़्यादा देशों के नागरिक यवतमाल के दुर्गोत्सव से मोहित हो चुके हैं और वहाँ 5 लाख से ज़्यादा लोग इस उत्सव को ऑनलाइन देख रहे हैं।
यह सब यवतमाल के बेटे द्वारा बनाई गई वेबसाइट की बदौलत संभव हुआ है। यहाँ के चंद्रेश हितेश सेता ने 1 अक्टूबर, 2016 को ‘यवतमाल नवरात्रि.कॉम’ वेबसाइट बनाई थी। हालाँकि पहले साल इसे ज़्यादा प्रतिक्रिया नहीं मिली, लेकिन अब नौ सालों में इस वेबसाइट ने दुनिया को यवतमाल का दीवाना बना दिया है। इस साल इस वेबसाइट पर यवतमाल का नवरात्रि उत्सव 90 से ज़्यादा देशों से ‘लाइव’ देखा जा रहा है। महाराष्ट्र में सबसे ज़्यादा सार्वजनिक मंडल, 2,700 से ज़्यादा, यवतमाल ज़िले में पंजीकृत हैं। यवतमाल शहर समेत ज़िले के 3,700 सार्वजनिक मंडलों द्वारा यह उत्सव अनोखे अंदाज़ में मनाया जाता है। यवतमाल के मूर्तिकारों की मूर्तियों ने ज़िले के बाहर के मंडलों को भी आकर्षित किया है। यवतमाल शहर में हर रोज़ हज़ारों भक्त नंगे पाँव चलकर देवी के दर्शन करते हैं, सिर्फ़ एक बार ‘आई’ का चेहरा देखने के लिए।
Post Views: 564